ईश्वर को ढूँढ़ने का वैदिक स्वरूप क्या है।

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शिक्षा

ईश्वर को ढूँढ़ने का वैदिक स्वरूप क्या है।
अनजान है यह दुनियां, किसी को खबर नहीं है।

तप-त्याग भावना से, निष्काम काम करना,
ऊँचे चरित्र वाला इन्सान देवता है।
ईश्वर को ढूँढ़ने का वैदिक ………

जब हो प्रभु से मिलना, इच्छा हो दर्शनों की,
इसका सही तरीका सन्ध्या उपासना है।
ईश्वर को ढूँढ़ने का वैदिक……..

अन्तःकरण शुद्ध कर ले और शरीर निर्मल,
उसके समीप जाना ऋषियों का रास्ता है।
ईश्वर को ढूँढ़ने का वैदिक ……..

एकान्त मन हो, घर हो या नदी किनारे,
उसका जप निरन्तर कण-कण में जो बसा है।
ईश्वर को ढूँढ़ने का वैदिक ……..

यम नियमों का निभाना, कर्तव्य नित्य मानों,
इसके बगैर कोई रास्ता न दूसरा है।
ईश्वर को ढूँढ़ने का वैदिक ………

तप ध्यान मग्न होके ऐसी लगे समाधि,
यह भी पथिक न समझे, संसार चीज क्या है।
ईश्वर को ढूँढ़ने का वैदिक ……..

स्वरूप क्या है। अनजान है यह दुनियां,
किसी को नहीं खबर है।