ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है।

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ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है।

ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है।
मानव तू परिवर्तन से काहे को डरता है।

जब से दुनिया बनी है,
तब से रोज बदलती है।
जो शै आज यहाँ है,
कल वो आगे चलती है।
देख के अदला-बदली तू,
क्यों आहे भरता है।।
ईश्वर जो करता है, अच्छा……

दुःख सुख आते जाते रहते,
सबके जीवन में।
पतझड़ और बहारें दोनों,
जैसे गुलशन में।
चढ़ता है तूफान कभी,
और कभी उतरता है।।
ईश्वर जो करता है, अच्छा ……..

कितनी लम्बी रातें हों,
फिर भी दिन तो आयेगा।
जल में कमल खिलेगा,
फिर से वो मुस्कराएगा।
देता है जो कष्ट,
वही कष्टों को हरता है।।
ईश्वर जो करता है, अच्छा……

वो ही दाना फलता है,
जो मिट्टी में मिल जाए।
सहे ‘पथिक’ जो कांटे,
वो ही मंजिल अपनी पाए।
भट्टी में पड़कर सोने का रंग,
निखरता है।।
ईश्वर जो करता है, अच्छा…….