एक झोली में फूल भरे हैं

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एक झोली में फूल भरे हैं

एक झोली में फूल भरे हैं
एक झोली में कॉटे रे
कोई कारण होगा।
तेरे बस में कुछ भी
नहीं ये तो बांटने वाला
जाने रे कोई कारण होगा।

१ पहले बनती हैं तकदीरें
फिर बनते हैं शरीर।
ये प्रभु की कारीगरी है
तु क्यूँ है गम्भीर…….

२. नाग भी डस ले तो
मिल जाये किसी
को जीवन दान।
चींटी से भी मिट सकता है
किसी का नामों निशान

३. धन का बिस्तर मिल
पाए पर नींद को तरसें नैन।
कांटों पर सोकर भी
आए किसी के मन को चैन………

४. सागर से भी बुझ सकती
नहीं कभी किसी की प्यास।
कभी एक ही बूँद से
मिट सकती है मन की आस..