हम भारत के वासी हमारा राज प्रजातन्त्र है।
हम भारत के वासी हमारा
राज प्रजातन्त्र है।
वेदों के उपासक हमारी
संस्कृति पवित्र है।
खुद जीये और जीने दें
ऐसा हमारा चरित्र है।
कभी इन्सानियत से
हमने रिश्ता तोड़ा नहीं।
सच्चाई के रास्ते से हमने
मुख मोड़ा नहीं।
जिसने हमको छेड़ा पहले
उसको हमने छोड़ा नहीं।
हो जानता यह जग सारा है बड़े-२
खुंखारों का हमने मुंह मारा है।१।
देश की अखण्डता को
खण्डित नहीं होने देगें।
आपस में हम फूट के बीज
नहीं बोने देगें।
आजादी रूपी दौलत को
हरगिज नहीं खोने देगें।
जो करते हैं बकवास आज
गैरों के इशारों पर।
लानत है ऐसे देश द्रोही
गद्दारों पर।
करें न विश्वास कभी भूल
कर मक्कारों पर।
हो हुआ दिल दुःखी हमारा है
ईंट का जवाब देगें पत्थर से
और न चारा है।२।
गर पहले हमारे नेता ऐसी
गलती खाते ना।
तो आज के ये दिन कभी
देखने में आते ना।
मुट्ठी भर ये लोग कभी
शोर यों मचाते ना।
हमने इनकी नीयत को
अच्छी तरह पहचाना है।
लाहौर का फैसला तो
झूठा सा बहाना है।
सिर्फ इनका एक कश्मीर
का निशाना है।
ओ खास गैरों का इशारा है
हो खुलम-खुल्ला पाकिस्तान
ये नाच नचारा है।
देश को जरूरत है मजबूत
कर्ण धारों की।
देश को जरूरत है पटेल
से सरदारों की।
देश की जरूरत नहीं
इन फिल्मी सितारों की।
कुर्सी के पुजारी अपनी
कुर्सी को बचाते रहेगें।
ये कर दिया वो कर दिया
शोर यूं मचाते रहेगें।
उधर बेगुनाहों का खून
वो बहाते रहेगें।
हो बडा ये खतरा भारा है
कहे “खेमसिंह”
कहीं देश का ना हो जाय
बटवारा है ।४।










