होश आता है बसर को उम्र ढल जाने के बाद।

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होश आता है बसर को उम्र ढल जाने के बाद।

होश आता है बसर को
उम्र ढल जाने के बाद।
वक्त की कीमत समझता
वक्त ढल जाने के बाद।

आज तो ‘बेमोल’ तुझको
दे रहे हैं दात सब।
लोग जाने क्या कहेंगे
तेरे कल जाने के बाद….।

आने से पहले मुसाफिर
राहों में उलझा रहा।
लौटता मायूस होकर
गाड़ी निकल जाने के बाद….।

जब बदलने का समय था
जब तो तूं बदला नहीं।
अब जो बदला क्या हुआ
सब कुछ बदल जाने के बाद….।

क्यों खड़ा अफसोस करता
कल की बातों पर जनाब।
लौटकर आता नहीं है तीर
चल जाने के बाद….।