हिम्मत न हारिये, प्रभु न बिसारिये।

0
215

कृतज्ञता

हिम्मत न हारिये, प्रभु न बिसारिये।
हँसते मुस्कुराते हुए जिन्दगी गुजारिये ।।
हँसते मुस्कुराते हुए………

हँसते मुस्कुराते हुए जीना जिसको आ गया।
टूटे हुए दिलों को सीना जिसको आ गया।
ऐसे देवताओं के चरणों को पखारिये
उनकी तरह नेक बनके जिन्दगी गुजारिये ।।
हँसते मुस्कुराते हुए………

काम ऐसे कीजिये कि जिनसे हो सबका भला
बातें ऐसी कीजिये जिनमें हो अमृत भरा
मीठी बोली बोल सबको प्रेम से पुकारिये,
कड़वे बोल-बोल के न जिन्दगी गुजारिये ।।
हँसते मुस्कुराते हुए……….

मुश्किलों मुसीबतों का, करना है जो खात्मा
हर समय कहिये, तेरा शुक्र है परमात्मा
गिले शिकवे करके अपना, हाल न बिगाड़िये
जैसे प्रभु रखे वैसे जिन्दगी गुजारिये ।।
हँसते मुस्कुराते हुए………

शुभ कर्म करते हुए, दुःख भी अगर पा रहे,
पिछले पाप कर्मों का, भुगतान ही भुगता रहे
आगे मत उठाइये, पिछले बोझ उतारिये
गलतियों से बचते हुए, जिन्दगी गुजारिये ।।
हँसते मुस्कुराते हुए……….

दिल की नोट बुक में बातें, नोट कर लीजिये
बनके सच्चे सेवक, सच्चे दिल से अमल कीजिए
करके अकल बनके कमल, तरिए और तारिए
जग में जगगमाती हुई, जिन्दगी गुजारिये।।
हँसते मुस्कुराते हुए………

हिम्मत ने हारिये, प्रभु न बिसारिये।
हँसते मुस्कुराते हुए जिन्दगी गुजारिये ।।

सुविचार

परिवार के साथ धैर्य प्यार कहलाता है।
औरों के साथ धैर्य सम्मान कहलाता है।
स्वयं के साथ धैर्य आत्मविश्वास कहलाता है।
भगवान् के साथ धैर्य आस्था कहलाती है।