हे इन्द्र परमेश्वर ! ज्ञान दे प्रज्ञान दे
हे इन्द्र परमेश्वर !
ज्ञान दे प्रज्ञान दे
शुचि सद्बुद्धि भी
यज्ञमय निष्काम दे
प्रज्ञा-प्रज्ञान जैसे
देता पिता पुत्र को
वैसा ज्योतिर्मयी प्रकृष्ट
प्रखर पवित ज्ञान दे
हे इन्द्र परमेश्वर !
पिता के समान तेरे
शुद्ध पुत्र बने हम
शुभ यज्ञमय कृत
करते ही जाएँ हम
धर्म के पथ पे चलकर
छलकाएँ सुख आनन्द
प्रेरणा से शिक्षा दे
आध्यात्म प्रकाश दे
योग और भोग में
यज्ञमय सौगात दे
सद्बुद्धि शिवसङ्कल्प की
प्रभु तू अबाध दे
ज्ञान श्रेष्ठ कर्म सब
देवों के समान दे
यज्ञमय कर्मों का सतत्
दैविक दान दे
शुचि सद्बुद्धि भी
यज्ञमय निष्काम दे
हे इन्द्र परमेश्वर !
विनय, प्रार्थना, याचना
करें प्रभु आप से
बचा लो प्रभु हमें
दु:ख दुरित भय व पाप से
प्रेरणा शिक्षा की दे
अध्यात्म ज्योतियाँ भरी
ज्ञान कर्म इन्द्रियाँ
कनक सम चमक उठें
हे इन्द्र पुरुहूत
हम तो हैं तेरे सुत
सावधान करते रहो
प्रभु सदा तुम ही खुद
यज्ञमय भावों से सदा
करते रहो हमें प्रबुद्ध
देवपूजा संगतिकरण
भाव निष्काम दे
शुचि सद्बुद्धि भी
यज्ञमय निष्काम दे
हे इन्द्र परमेश्वर !
यही यज्ञमय जीवन
सद्गुणों की खान है
वैर-द्वेष मद जले
यह अग्नि का प्रमाण है
सत्कर्म अनुश्राविक
इन्द्रिय-शृङ्गार बने
हम सुसन्तानों को
पिता का आधार मिले
तपस्वी विद्वानों की
सेवा सत्कार करें
जीवन के हर पथ पर
उमंग-उत्साह दे
पाप दुरित कर्मों में
भय लज्जा शंका दे
दिव्य प्रसाद पाएँ प्रभु
हृदय में अपने स्थान दे
शुचि सद्बुद्धि भी
यज्ञमय निष्काम दे
हे इन्द्र परमेश्वर !
ज्ञान दे प्रज्ञान दे
शुचि सद्बुद्धि भी
यज्ञमय निष्काम दे
हे इन्द्र परमेश्वर !










