हेऽऽऽ सृष्टि के कण कण में

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हेऽऽऽ सृष्टि के कण कण में

हेऽऽऽ सृष्टि के कण कण में,
प्रभु का प्यार पगे
जनम से लेके,
मरण तलक रे,
मानव समझ न सके
हेऽऽऽ सृष्टि के कण कण में
प्रभु का प्यार पगे

हर कुछ उसका
साधन बना है
कितनी पताकाएँ, जगह जगह में,
क्यों न समझ सके
हेऽऽऽ सृष्टि के कण कण में
प्रभु का प्यार पगे

जाना न उसको,
पहचाना न उसको,
तेरा ये साथी है, तेरे निकटतम,
तेरे निकटतम रहे,
हेऽऽऽ सृष्टि के कण कण में
प्रभु का प्यार पगे

जनम से लेके मरण तलक रे
मानव समझ न सके
हेऽऽऽ सृष्टि के कण कण में
प्रभु का प्यार पगे