हे प्रभु, हे प्रभु, हे प्रभु,
हे प्रभु, तेरा हर रंग देखा
निराला प्रभु, तेरी आग
में देखी ज्वाला प्रभु,
कहती फिरती है बुलबुल
यही कूबकू तूही तू,
तूही तू, तूही तू, तूही तू।
दिया सूरज को तूने उजाला
प्रभु तेरी आग में देखी ज्वाला प्रभु।
सारे विश्व को तूने संभाला
प्रभु। तूही तू, तूही तू…..
देखा फूलों को जब
खिलखिलाते हुए तेरी
महिमा के गीतों को गाते
हुए खुशबू देकर हमें यह
सुनाते हुए। तूही तू, तूही तू…
दुनियां ढूंढती फिरती तुझे
दर बदर मंदिर मस्जिद,
गिरजे में शामोसहर।
वीर कहते हैं, सारे फदो बशर।
तूही तू, तूही तू…..










