हे ज्ञान-तेजयुक्त ! प्रभु हमें ज्ञान दे
हे ज्ञान-तेजयुक्त ! प्रभु हमें ज्ञान दे
उत्तम कर्मों वाले सुकर्मों का दान दे
वीर्य युक्त उत्तम तेज को प्रदान कर
पुष्टिप्रद ऐश्वर्य कर्म ज्ञानवान् कर
पूजित धन दे, कर्म निष्काम दे
उत्तम कर्म वाले सुकर्मों का दान दे
हे ज्ञान-तेजयुक्त ! प्रभु हमें ज्ञान दे
उत्तम कर्मों वाले सुकर्मों का दान दे
परमेश ! स्वापा: अग्निस्वरूप धारी
शोभित कर्म-कर्ता, शुभंकर मंगलकारी
ना हो अदान-वृत्ति प्रेरणा निष्काम दे
उत्तम कर्म वाले सुकर्मों का दान दे
हे ज्ञान-तेजयुक्त ! प्रभु हमें ज्ञान दे
उत्तम कर्मों वाले सुकर्मों का दान दे
उत्तम कर्मों की प्रेरणायें लेकर
शुद्ध कर्म करते रहेंगे हे ईश्वर!
अन्दर-बाहर शुद्धि देवों के समान दे
उत्तम कर्मों वाले सुकर्मों का दान दे
हे ज्ञान-तेजयुक्त ! प्रभु हमें ज्ञान दे
उत्तम कर्मों वाले सुकर्मों का दान दे
तेरी कृपा से शक्ति-तेज जगायेंगे
तेरे गुणों को पाने तेरे गीत गाएंगे
प्रभा-ओज, श्रद्धा, भक्ति ज्ञान संज्ञान दे
उत्तम कर्म वाले सुकर्मों का दान दे
हे ज्ञान-तेजयुक्त ! प्रभु हमें ज्ञान दे
उत्तम कर्मों वाले सुकर्मों का दान दे
ओ३म् अग्ने॒ पव॑स्व॒ स्वपा॑ अ॒स्मे वर्च॑: सु॒वीर्य॑म् ।
दध॑द्र॒यिं मयि॒ पोष॑म् ॥
ऋग्वेद 9/66/21
रचनाकार व स्वर :- पूज्य श्री ललित मोहन साहनी जी – मुम्बई










