हे दयामय ! आपका हमको सदा आधार हो।
हे दयामय ! आपका हमको
सदा आधार हो।
अपने भक्तों से ही
भरपूर यह परिवार हो ।।१।।
छोड़ देवें काम को और
क्रोध को मद-मोह को।
शुद्ध और निर्मल हमारा
सर्वदा व्यवहार हो।।२।।
प्रेम से मिल-मिल के सारे
गीत गावे आपके ।
दिल में बहता आपका
ही प्रेम पारावार हो ।।३।।
जय पिता जय-२ पिता
हम जय तुम्हारी गा रहे।
रात-दिन घर में हमारे,
आपकी जयकार हो ।।४।।
धन्य-धान्य घर में जो प्रभो !
सब आपका ही है दिया।
उसके हित प्रभु आपका
धन्यवाद सौ-२ बार हो ।। ५।।
पास अपने हो न धन,
तो उसकी कुछ परवा नहीं।
आपकी भक्ति से ही
धनवान् यह परिवार हो ।।६।।










