हे दयामय आपका हमको सदा आधार हो।
हे दयामय आपका
हमको सदा आधार हो।
आपके भक्तों से ही
भरपूर यह परिवार हो ।
छोड़ देवें, काम को और
क्रोध को मद-मोह को।
शुद्ध और निर्मल हमारा
सर्वदा आचार हो ।
प्रेम से मिल-मिल के
सारे गीत गायें आपके।
दिल में बहता आपका ही
प्रेम-पारावार हो ॥
जय पिता, जय-जय पिता,
हम जय तुम्हारी गा रहे।
रात-दिन घर में हमारे
आपकी जयकार हो ।
पास अपने हो न धन तो
उसकी कुछ परवाह नहीं।
आपकी भक्ति से ही
धनवान यह परिवार हो ।










