हंसके फांसी खायेंगे हम ए वतन तेरे लिए।
हंसके फांसी खायेंगे हम
ए वतन तेरे लिए।
आज जा कल आयेंगे हम
ए वतन तेरे लिए॥
तेरे नगमें गा रहे हैं गायेंगे गाते रहेंगे।
जब तलक आजाद न हो
सर ये कटवाते रहेंगे॥
यह वायदा करके जायेंगे
हम ए वतन तेरे लिए॥1॥
जिस्म को कर दें फना
वो हो फना मरते नहीं हम।
फिर जन्म लेंगे दोबारा
मरने से डरते नहीं हम ॥
मौत से टकरायेंगे हम
ए वतन तेरे लिए॥2॥
ये गुलामी की जंजीरे
टूटेंगी एक दिन जरूर।
चूर कर देंगे फिरंगी के
दिलों का हम गरूर ॥
चैन तब ही पायेंगे हम
ए वतन तेरे लिए॥3॥
चमकेगा सूरज उम्मीदों का
उम्मीद की कसम।
मर मिटे जो तेरे ऊपर
उन शहीदों की कसम॥
तड़फेंगे तड़फायेंगे हम
ए वतन तेरे लिए॥4॥
दुश्मनों का तख्त कर्मउ
लग रहा हिलने को है।
हमवतन मायूस क्यों
आजादी तो मिलने को है॥
ध्वज तिरंगा लहरायेंगे हम
ए वतन तेरे लिए॥5॥










