हरा भरा ज्यू बाग सूख जा माली के बिना घर हो
हरा भरा ज्यू बाग सूख
जा माली के बिना घर हो
जा बर्बाद चतुर
घर वाली के बिना।। टेक ।।
चतुर स्त्री घर को सज्जनों
स्वर्ग का धाम बना दें।
सुख सुविधा से गृहस्थ चले,
ऐसे प्रोग्राम बना दें
नित्य कर्म शिशु शिक्षा का,
अच्छा इन्तजाम बना दें
पतिव्रता के नियम समझ
बिगड़े हुये काम बना दें
लहन्डा बदनाम बना दें,
जेसे पाली के बिना
घर हो जा बरबाद चतुर
घर वाली के बिना ।।1।।
अयोग्य स्त्री थोड़े दिन में,
घर को नर्क बना दें
धर्म कर्म नित्य कर्म छुटा
कर घर को गर्क बना दें
शिशु शिक्षा का ज्ञान नहीं,
बच्चे का कर्क बना दें
अपनी भी और की भी,
अक्कल गर्क बना दें
तर्क कुतर्क बना दें फर्क,
खुश हाली के बिना
घर होजा बरबाद चतुर
घर वाली के बिना।।2।।
अयोग्य खिवैया जिस नैया का,
वह नाव हो पार नहीं
अयोग्य ड्राईवर के होने से
सुरक्षित मोटर कार नहीं
सफल नहीं होवेगी फौज
जिस सेना का सरदार नहीं
घर भी नष्ट हो जाता है,
जहां योग्य सुशील नार नहीं
हल हो जा बेकार ज्यू
पाथा फाली के बिना
घर हो जा बरबाद चतुर
घरवाली के बिना।।3।।
कन्याओं को शिक्षा दिलवाने
का आज रिवाज करो
गुरुकुल में कौशल्या बन जायें,
यहां राम का राज करो
जीवन में खुशहाली हो
हर ग्राम में आर्य समाज करो
शोभाराम प्रेमी दुनिया का
भारत को सरताज करो
होता है बेकार ज्यूं ताला
ताली के बिना घर हो जा
बरबाद चतुर घर वाली के बिना।।4।।










