हमको रस्ता दिखा दो प्यारे प्रभु ।
(तर्ज – मेरे मन के गोपाल जपो ओम् ओम् ओम्)
हमको रस्ता दिखा दो प्यारे प्रभु ।
सबकी बिगड़ी बना दो प्यारे प्रभु ।
हमको रस्ता दिखा दो……
१. तेरी दुनियाँ में जायें तो जायें कहाँ।
अपने ग़म की कहानी सुनायें कहाँ।
मन की उलझन मिटा दो प्यारे प्रभु।
हमको रस्ता……
२. हर तरफ़ बेबसी का अन्धेरा हुआ।
कौन जाने कहाँ कब सवेरा हुआ।
ज्ञान दीपक जला दो प्यारे प्रभु । हमको रस्ता…..
३.आगे पीछे कहीं कुछ दिखाई न दे।
हौसला भी कहीं से सुनाई न दे।
ग़म के बादल उड़ा दो प्यारे प्रभु। हमको रस्ता…..
४. एक तेरा ही अब तो सहारा हमें।
नज़र आता न कोई किनारा हमें।
पार नैया लगा दो प्यारे प्रभु । हमको रस्ता……
५. तेरे दर से कभी मुँह न मोड़ेंगे हम ।
तेरे दामन को हरगिज़ न छोड़ेंगे हम ।
प्यास मन की बुझा दो प्यारे प्रभु । हमको रस्ता…..
६. चल पड़े हैं तो चलते चले जायेंगे।
चलने वालों को सन्देश दे जायेंगे।
‘पथिक’ हिम्मत बढ़ा दो प्यारे प्रभु । हमको रस्ता…….










