हमारे देश में जी, कैसी हो गईं माता।
हमारे देश में जी, कैसी-२
हो गईं माता।
सुमित्रा और कौशल्या
जैसी कहाँ है माता आज ।
जिनकी गोद में लक्ष्मण
खेले रामचन्द्र महाराज ।।
हमारे० लक्ष्मण मूर्छा सुन
कौशल्या हुई दुखी नाराज।
सुनत सुमित्रा खुशी से बोली,
हुई सपूती आज ।।
हमारे० मात गंगा
जिन भीष्म जाया,
बना बाल ब्रह्मचारी।
माद्री कुन्ती के पाँचों सुत,
वह कैसे थे बलधारी।। हमारे०
कृष्ण हुए प्रसिद्ध कीरती है
जिनकी जग छाई।
देवकी और यशोदा माता,
से थी शिक्षा पाई।।
हमारे० पन्ना माता धन्य हुई,
जो उदयसिंह की दाया।
अपना पुत्र कटाया जिसने
राजकुमार बचाया।।
हमारे० धर्म की
नैया डूब चली थी
देश को आय बचाया।
दूसरी माता हुई कौशल्या
दयानन्द जिन जाया ।।
हमारे० ऋषि मुनि किये
योद्धा उत्पन्न हरिश्चन्द्र से दानी।
धर्मदती हुई लाखों माता
कहाँ तक कहूँ कहानी ।। हमारे०










