एक सहारा नाम का एक
एक सहारा नाम का एक
सहारा नाम का छुप जायेगा
सूरज इक दिन, इस जीवन की
शाम का एक सहारा नाम का
एक सहारा नाम का…….
जिसको समझ रहा तू अपना,
यह जीवन है झूठा सपना ।
बिना प्रभु के सुमिरन के,
यह जीवन है किस काम का ।।
एक सहारा………
धन दौलत है झूठी माया,
किसी ने खोया किसी ने पाया
मान न कर तू रंग रूप का
यह तो पुतला चाम का ।।
एक सहारा……….
कल करना सो आज ही करले,
थोड़ा ज्यादा नाम सुमिरले
जीवन सफल करेगा तेरा,
मिल गया जो बिन दाम का ।।
एक सहारा……….
नेक काम करके दिखाता चला चला
जो दुःखी है उसको हंसाता चला चला
जो रूठा है उसको मनाता चला चला
इस जग में मुस्काराता चला चल।।










