द्वार पर लाली के चर्चे

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द्वार पर लाली के चर्चे

द्वार पर लाली के चर्चे,
आया नया सवेरा है।
महलों में आलोक मगर,
कुटिया में तम का डेरा है।।

दो शब्दों में इस विकास का,
सार कहे देता हूं मैं।
गांव में रोशनी नहीं तो,
सारा देश अंधेरा है।।