आर्य समाज भजनसभी लेख द्वार पर लाली के चर्चे By Arya Samaj - July 1, 2025 0 6 FacebookTwitterPinterestWhatsApp द्वार पर लाली के चर्चे द्वार पर लाली के चर्चे,आया नया सवेरा है।महलों में आलोक मगर,कुटिया में तम का डेरा है।। दो शब्दों में इस विकास का,सार कहे देता हूं मैं।गांव में रोशनी नहीं तो,सारा देश अंधेरा है।। Curent posts: सत्ता तुम्हारी भगवन् जग में समा रही है। बिना वेद विद्या न कल्याण होगा जन्म-जन्म के चक्कर खाकर, हीरा जीवन मिलता है। ईश्वर जो करता है अच्छा ही करता है। ईश हमें देते हैं सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें। नर तन को पा करके महर्षि के बताये हुये मार्ग पर सारा संसार प्रभु भक्ति में चूर रहते हैं मैं अब बन्धन सह न सकूँगा।। है न्याय ईश्वर जो भी करे