दुनियाँ वालों पढ़ कर देखो, दुनियाँ खुली किताब है

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दुनियाँ वालों पढ़ कर देखो, दुनियाँ खुली किताब है

दुनियाँ वालों पढ़ कर देखो,
दुनियाँ खुली किताब है
हर प्राणी के हर सवाल का,
मिलता यहीं जवाब है।।
दुनियाँ वालों पढ़ कर देखो…….

इस दुनियाँ में ही मिलता है,
एक सबक लासानी।
प्रभु दूध का दूध बनाता,
और पानी का पानी।
भले-बुरे सब के कर्मों का,
उसके पास हिसाब है।।
दुनियाँ वालों पढ़ कर देखो…….

कर्म क्षेत्र में हर प्राणी का,
इम्तिहान होता है।
जब निकले परिणाम,
कोई हँसता कोई रोता है।
किसी का पर्चा ठीक हुआ तो,
किसी का हुआ खराब है
दुनियाँ वालों पढ़ कर देखो……..

एक सुखी और एक दुःखी,
बन पैदा हुआ जनम से।
अन्तर क्यों हैं अभी तो दोनों,
वाकिफ नहीं करम से।
पूर्व जन्म के पुण्य-पाप का,
फल ही मिला जनाब है।
दुनियाँ वालों पढ़ कर देखो……..

यहाँ हमेशा परमेश्वर का,
न्याय चक्र है चलता।
वह अपने निश्चित नियमों को,
हरगिज नहीं बदलता। ‘
पथिक’ धतूरे की टहनी पर,
खिलता नहीं गुलाब है।।
दुनियाँ वालों पढ़ कर देखो……..