दुनियां बनाने वाला, बिगड़ी बनाने वाला।

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दुनियां बनाने वाला, बिगड़ी बनाने वाला।

दुनियां बनाने वाला,
बिगड़ी बनाने वाला।
सबका है दाता भगवान्,
माने ना माने इंसान।

निर्जन भयानक वन से
चाहे जो पार जाना।
भक्ति और तप के द्वारा
भवसागर पार जाना।
‘पथिक’ मंजिल से पहले
हिम्मत ना हार जाना।


उलझन सुलझाने वाला,
मार्ग दिखलाने वाला।
रखता सभी का वही ध्यान,
माने ना माने इंसान….।

आंखें ना हाथ जिसका
ना कोई आकार देखो।
ना ही हथियार कोई ना
ही औजार देखो।
रचना है फिर भी कैसी
अद्भुत संसार देखो।


बादल गरजाने वाला
बिजली चमकाने वाला।
कैसा है निराला प्रोग्राम,
माने ना माने इंसान….।

संगी ना साथी उसका
ना रिश्तेदार कोई।
ना ही तस्वीर कोई
ना ही आकार कोई।
सुनता है सबकी वो ही
करले पुकार जो भी।


सज्जन हंसाने वाला
दुर्जन रुलाने वाला।
यथायोग्य देता अंजाम,
माने ना माने इंसान….।