दुःखदायी होंगे भोग सभी

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दुःखदायी होंगे भोग सभी

दुःखदायी होंगे भोग सभी
जो ईश्वर को बिसरायेगा।
विषयों की गिर कर खाई में
चोटों पर चोंटे खायेगा ।।

संतो की बातें झूठ नहीं,
ऋषियों की खोजें झूठ नहीं।
बदली न करवट जीवन की,
पछतायेगा पछतायेगा ।।

देखा न लेखा जीवन का,
तुझको ही साफ बताता हूँ।
आया था रोता दुनियाँ में,
दुनियाँ से रोता जायेगा।।

भोगों का जो भी दास रहा,
उससे सुख कोसों दूर रहा।
भोगेगा क्या वो भोगों को,
भोगों से भोगा जायेगा।।

अपना हित चाहे देश यदि,
रख ध्यान सदा हितकारी का।
सुन ले वरना दुःखसागर में
अपने को डूबा पायेगा ।।

मारना चाहते हो तो…..अपने विकारों को मारो
जीतना चाहते हो तो….अपनी इन्द्रियों को जीतो
खाना चाहते हो तो….अभिमान को खाओ
पीना चाहते हो तो…. प्रेम रस को पीओ
पहनना चाहते हो तो….भलाई के वस्त्रों को पहनो
लेना चाहते हो तो…….बड़ों का आर्शीवाद लों
करना चाहते हो तो……निर्बलों की सहायता करो
बोलना चाहते हो तो…….मीठा बोलो
देखना चाहते हो तो….अपनी बुराई को देखो
सुनना चाहते हो तो….ईश्वर की वेदवाणी को सुनो
रहना चाहते हो तो….सदाचारी बन के रहो