दो घड़ी भगवान् का ले नाम तू
दो घड़ी भगवान् का ले नाम तू
छोड़ कर दुनिया के सारे काम तू
दो घड़ी का ध्यान ही रङ्ग लायेगा
दे समय थोड़ा सुबह और शाम तू (1)
शीशा-ए-दिल साफ कर, आसन जमा
मन की चञ्चलता को प्यारे थाम तू
त्याग कर आलस तू जा सत्सङ्ग में
पायेगा दुनिया में फिर आराम तू
छोड़ कर दुनिया के सारे काम तू
दो घड़ी भगवान् का ले नाम तू
छोड़ कर दुनिया के सारे काम तू










