शिक्षा
दो घड़ी भगवान का ले नाम दूँ।
छोड़ कर दुनियाँ के सारे काम तू ।।
दो घड़ी का नाम भी रंग लाएगा।
दे समय थोड़ा सुबह और शाम तू ।।
दो घड़ी भगवान का……..
दिल का शीशा साफ कर आसन जमा।
मन की चंचलता को प्यारे थाम तू।।
दो घड़ी भगवान का…….
त्याग कर आलस्य आ सत्संग में।
प्रेम रस का भक्तवर पी जाम तू ।।
दो घड़ी भगवान का………
देख तेरे काम की यह बात है।
पाऐगा दुनियाँ में फिर आराम तू।।
दो घड़ी भगवान का…………….










