तेरी शरण में
(कर्ज-कन्हैया कन्हैया तुझे आना पड़ेगा)
दिलों में सभी प्यार लाये हुए हैं।
शरण में तेरी नाथ आए हुए हैं।
१. उठी सब के होंटों से यह ही सदा।
कि जो तूने चाहा हमेशा हुआ।
इसी वासते सारे संसार में
सभी को है मन्जूर तेरी रज़ा।
यही गीत ऋषियों ने गाए हुए हैं।
शरण में तेरी नाथ आए हुए हैं………
२. तेरे दर से ऊँचा कोई दर नहीं।
कोई और तेरे बराबर नहीं।
उठा हो कभी जो तेरे सामने
ज़माने में ऐसा कोई सर नहीं।
तेरे सामने सर झुकाए हुए हैं।
शरण में तेरी नाथ आए हुए हैं……….
३. हमें मुश्किलों से निकालेगा तू।
जो गिरने लगे तो सम्भालेगा तू।
तेरा नाम है दीनाबन्धु प्रभु
कि तूफ़ान से भी बचा लेगा तू।
‘पथिक’ तुम से ही लौ लगाए हुए हैं।
शरण में तेरी नाथ आए हुए हैं…










