ध्यान में आए, हृदय में समाए

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ध्यान में आए, हृदय में समाए

ध्यान में आए, हृदय में समाए
आत्मा में कई, निजी रूप दिखाए
हर्षित हो मन, प्रभु गुण गाता है
प्रभु-चरणों में, आनन्द आता है

जल-वायु पृथ्वी, आकाश है
और अग्नि में तेरा, प्रकाश है
हे पिता !! सन्सार की
देख महिमा को, आनन्द पाया
वर्षा सुखों की, तू बरसाता है
प्रभु चरणों में, आनन्द आता है

कण-कण में तेरा, ही वास है
दूर-सुदूर भी और पास है
प्रेरणा शुभ कर्म की
तेरी शरण में, पाने लगा
जन्म जन्म प्रभु, तुझसे ही नाता है
प्रभु चरणों में, आनन्द आता है

तू मेरे जीवन का, विश्वास है
मुझको तेरे, दर्श की प्यास है
प्यार पिता का है
माता सी ममता, देता है तू
मित्र सखा गुरु, तू ही भ्राता है
प्रभु चरणों में आनन्द आता है

दीन मैं तू, दीनानाथ है
सत्य का मार्ग है, तू साथ है
करो ज्योतिर्मय, प्रकाशित ये मेरा
मन का ये दीपक
महाज्ञानी तू, ज्ञान का दाता है
प्रभु चरणों में, आनन्द आता है
ध्यान में आए, हृदय में समाए
आत्मा में कई, निजी रूप दिखाए
हर्षित हो मन, प्रभु गुण गाता है
प्रभु-चरणों में, आनन्द आता है
प्रभु-चरणों में, आनन्द आता है