ध्यान करूँ-उस परमेश्वर का

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ध्यान करूँ-उस परमेश्वर का

ध्यान करूँ – उस परमेश्वर का
सर्वोत्तम जो कि है नाता
ग्रहण उसे करना जानूँ
प्रेरित मन करना जानूँ

प्रभु की लीला क्या जानूँ
प्रभु चिन्तन करना जानूँ

होकर मग्न भजूँ प्रभु को नित
अभिलाषा दर्शन लेकर
पा कर उसे हर कण-कण में मैं
आनन्दित होना जानूँ
प्रभु की लीला क्या जानूँ

निर्माता जो सुन्दर-जग का
सुन्दर-सृष्टि रचेता जो
पूजन उसे करना जानूँ
अर्पण सब करना जानूँ
प्रभु की लीला क्या जानूँ
प्रभु चिन्तन करना जानूँ