देवाधिदेव सविता देव ! तुम अन्न धन धान्य दाता हो

0
26

देवाधिदेव सविता देव ! तुम अन्न धन धान्य दाता हो

देवाधिदेव सविता देव !
तुम अन्न धन धान्य दाता हो

हो साधक सर्व उत्पादक
सुप्रेरक सुखों के दाता हो
देवाधिदेव सविता देव !

हमें अन्नादि सर्व अभीष्ट
पदार्थ तुम ही देते हो
तुम ही सब के जनक प्रेरक
ऐश्वर्यों के प्रदाता हो
हो साधक सर्व उत्पादक
सुप्रेरक सुखों के दाता हो
देवाधिदेव सविता देव !

अहिंसक साधक इन्द्रियों तुम निज
आत्मा को करो उन्नत
तुम अपने भोग पुरुषार्थों से
ऐश्वर्य को संसक्त करो
हो साधक सर्व उत्पादक
सुप्रेरक सुखों के दाता हो
देवाधिदेव सविता देव !

हो वायुरूप बलशाली
विघ्न-बाधा हटाते रहो
हे सविता देव! हमें शुभ श्रेष्ठ
यज्ञ कर्मों की प्रेरणा दो
हो साधक सर्व उत्पादक
सुप्रेरक सुखों के दाता हो
देवाधिदेव सविता देव !

प्रजावती अयक्ष्मा अनमीवा बनकर
शरण प्रभु की लो
श्रवण से मनन चिन्तन तक
सम्मुन्नत श्रेष्ठ कर्म करो
हो साधक सर्व उत्पादक
सुप्रेरक सुखों के दाता हो
देवाधिदेव सविता देव !
तुम अन्न धन धान्य दाता हो
देवाधिदेव सविता देव !
तुम अन्न धन धान्य दाता हो