देश धर्म पर हंसकर मरना, भगवान् हमें सिखा देना।
देश धर्म पर हंसकर मरना,
भगवान् हमें सिखा देना।
आन पड़ी है नाव भंवर में,
उसको पार लगा देना।।
काम क्रोध मद लोभ तजें हम,
वेदों के अनुयायी बनें।
सभी जनों का मान करें हम,
सब भाई-भाई बनें।
एकता का पीयूष पिलाकर,
भगवन् ! एक बना देना।।1।।
देश धर्म पर हंसकर मरना, भगवान……..
भीष्म जैसे वीर बनें हम,
अर्जुन सम रणधीर बनें।
वीर शिवा राणा, प्रताप,
मन्ना झाला हम्मीर बनें।
तन मन धन सब अर्पण करना,
भगवान् हमें सिखा देना।।2।।
देश धर्म पर हंसकर मरना, भगवान…..
दयानन्द से ब्रह्मचारी हम,
भीम और हनुमान बनें।
मातृभूमि की रक्षा में निज,
हँसते-हँसते प्राण तजें।।
पथ में जो बाधाएँ आएँ,
भगवन! दूर हटा देना। ।3।1
देश धर्म पर हंसकर मरना, भगवान……
कायरता को दूर हटा दें,
विद्या से भरपूर बनें।
परहित में सर्वस्व तजें हम,
दुःखियों के दुःख दूर करें।।
वेद ज्ञान की ज्योति जलाकर,
सत्पथ हमें दिखा देना।।4।।
देश धर्म पर हंसकर मरना, भगवान……










