देख लिया है हिन्दुस्तान
देख लिया है हिन्दुस्तान
घूम-घूम कर देख लिया।।टेक ।।
रुलते फिरते वेद के ज्ञाता,
पाखंडियों को पूजा जाता
भले बुरे की ना पहचान
घूम घूम कर देख लिया।।1।।
पश्चिमी सभ्यता गुन्डा गर्दी,
फैली, हवा विषैली कर दी
बेढंगा सुनते हैं गान
धूमधूम कर देख लिया।।2।।
अभक्ष पदार्थ खाते पीते
दूध दही से हो गये रीते
मदिरा मांस का खान और पान
धूमधूम कर देख लिया।।3।।
प्रेमी धार में डोले नैया-वल्ली
चप्पू विना खिवैया पार करो
इसको भगवान-धूमधूम कर देख लिया।।4।।










