दया कर दान भक्ति का, हमें परमात्मा देना

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दया कर दान भक्ति का, हमें परमात्मा देना

दया कर दान भक्ति का
हमें परमात्मा देना
दया करना, हमारी आत्मा को
शुद्धता देना

हमारे ध्यान में आओ,
प्रभु आँखों में बस जाओ
अँधेरे दिल में आ करके,
परम ज्योति जगा देना

बहा दो प्रेम की गंगा,
दिलों में प्रेम का सागर
हमें आपस में मिल-जुल के
प्रभु रहना सिखा देना

हमारा धर्म हो सेवा,
हमारा कर्म हो सेवा
सदा ईमान हो सेवा, (1)
वो सेवकचर बना देना

वतन के वास्ते जीना,
वतन के वास्ते मरना
वतन पर जाँ फिदा करना,
प्रभु हम को सिखा देना

दया कर दान भक्ति का
हमें परमात्मा देना
दया करना, हमारी आत्मा को
शुद्धता देना