सब का प्यारा बनाओ
(तर्ज – दयानन्द के वीर सैनिक बनेंगे)
दया भाव दिल में जगाओ प्रभु जी।
हमें सब का प्यारा बनाओ प्रभु जी ।
दया भाव दिल में……….
१. सदा देवताओं की संगत में बैठें
बुरी संगति से बचाओ प्रभु जी।
दया भाव दिल में……….
२. कुशल राजपुरुषों में सम्मान पाएँ
यह गौरव हमें भी दिलाओ प्रभु जी।
दया भाव दिल में……….
३. धनी लोग भी हम को अपना बनाएँ
हमें इन के नज़दीक लाओ प्रभु जी।
दया भाव दिल में……….
४. कभी निर्धनों से न नफ़रत करें हम
ग़रीबों की सेवा सिखाओ प्रभु जी ।
दया भाव दिल में……….
५. मनुज देहधारी सभी व्यक्तियों में
परस्पर सखापन बढ़ाओ प्रभु जी।
दया भाव दिल में……….
६. किसी का किसी से न विद्वेश होवे
‘पथिक’ दूरियाँ सब मिटाओ प्रभु जी ।
दया भाव दिल में……….










