छुप नहीं सकते पाप तुम्हारे ऐ मूर्ख इन्सान

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चेतावनी

छुप नहीं सकते पाप तुम्हारे ऐ मूर्ख इन्सान,
सब कुछ देख रहा भगवान,
सब कुछ देख रहा भगवान्
मन मन्दिर में देख ले बन्दे,
बैठे हैं भगवान सब कुछ देख रहा भगवान,
सब कुछ देख रहा भगवान
छुप नहीं सकते पाप तुम्हारे …….. (1)

उपरों दा तूं भोला भाला,
मुंह दा मिठा दिल दा काला।
सूरत दा इन्सान बना तू,
सीरत दा हैवान सब कुछ देख रहा भगवान,
सब कुछ देख रहा भगवान्
छुप नहीं सकते पाप तुम्हारे………. (2)

चाहे कितने यज्ञ रचा ले,
चाहे कितने पाठ करा ले,
बिना भजन भगवान के साधन,
सारे निष्फल जान
सब कुछ देख रहा भगवान्,
सब कुछ देख रहा भगवान्
छुप नहीं सकते पाप तुम्हारे………. (3)

इक दिन ऐसा आयेगा,
भेद सारा खुल जायेगा
देह तेरी से निकलेंगे,
जब तड़प तड़प कर प्राण
सब कुछ देख रहा भगवान,
सब कुछ देख रहा भगवान्
छुप नहीं सकते पाप तुम्हारे……..

छुप नहीं सकते पाप तुम्हारे ऐ मूर्ख इनसान,
सब कुछ देख रहा भगवान,
सब कुछ देख रहा भगवान्
छुप नहीं सकते पाप तुम्हारे. ……. (5)