चाह पैसों से आने में आने लगी।
चाह पैसों से आने में आने लगी।
चाह आनों से रुपया बनाने लगी।
चाह रुपयों से नोंटे छपाती चली।
चाह नोटों से कोठी चुनाती रही।
चाह कोठी में मोटर को लाती रही।
चाह मोटर से होटल को ले जाती चली।
चाह होटल में बोतल खुलाती रही।
चाह जुग जुग से ज्ञानी की चेली रही।
चाह विषयों को नवे नवेली रही।
चाह जड़ से लगी जी जरा हो गया।
चाह हरि से लगी जी हरा हो गया।










