बोल तेरे आखीर में क्या है धन दौलत
बोल तेरे आखीर में क्या है धन दौलत
या और बता जीवन के कुछ
पहलू है उनको कितना साथ लिया ।।
ये जीवन एक सफर प्यारे,
तो कुछ साधन भी ले प्यारे
जहां जाना जगह उसका पता भी
साथ ले प्यारे यूही लौटना पडेगा
वापस मंजिल का गैर नही पता ।।१।।
जमा है लाखो बैंकों में,
भवन भी भव्य बनवाया मगर
उस देश की खातीर ना एक भी
रुम बनवाया मन मंदिर में तेरा
सखा है ज्ञान दीपक एक जला ।।२।।
है धन का तन से ही सम्बन्ध न
सम्बन्ध आत्मा से है है सम्बन्ध
आत्मा का भी मगर परमात्मा
से है तेरा सुरेन्द्र कोई नही है
परमेश्वर है एक सखा।।३।।










