बिगाड़ी दशा है भारत देश की
बिगाड़ी दशा है
भारत देश की,
याकौ करिये मिलि
के सुधार। धर्म विरोधी
क्रोधी नर भये पतिव्रत
त्यागी कुलनार। बिगाड़ी०
घर-घर मनमाने मत चले,
त्यागी वेद प्रचार। बिगाड़ी०
माँस अहारी पापी बढ़ रहे,
गऊ गल चलत कटार।
बिगाड़ी० ऐसी हत्यारी
राक्षस पापनि, अपनी
ये सरकार। बिगाड़ी०










