बिगड़ रहे आसार देखियो क्या होगा

0
36

बिगड़ रहे आसार देखियो क्या होगा

बिगड़ रहे आसार देखियो क्या होगा,
चिंतित है नर-नार देखियो क्या होगा,
धर्म कर्म ईश्वर की भक्ति किसी को भी
अच्छी नहीं लगती,
जितने भी हैं पतन के साधन,
सबकी उन ही में अनुरक्ति,
दूषित हुए विचार देखियों क्या होगा।।1।।

पड़े हुये सब आपा धापी,
है उद्देश्य पहन और खा पी,
गोरे – काले लम्बे-छोटे तन के
उजले मन के पापी,
घूमें बेशुम्मार, देखियों क्या होगा।।2।।

चीनी, पाकिस्तानी, रूसी सबकी खतरनाक जासूसी,
अमरीका, ब्रिटेन, अरब, इसराइल,
मिस्र की काना फूसी, भारत में गद्दार,
देखियो क्या होगा।।3।।

टुकड़ो-टुकड़ों में कट-कट कर
हिस्सों अन्दर भारत बँट कर,
अपनों से न्यारा फट’-फट कर,
हुआ पराया पथ से हटकर,
प्रेमी का परिवार,
देखियो क्या होगा।।4।।