भूल मत जाना एहसान दयानन्द का।
भूल मत जाना एहसान
दयानन्द का।
भाई ‘प्रभुदयाल’ देख करके
दिल में ख्याल देख,
सबके कष्ट मिटाना-एहसान…।
ब्रह्मचर्य धारकर बुद्धि
का विस्तार कर,
वेद पढ़ाना एहसान….।
बाइबिल कुरान की
इंजिल पुरान की,
धज्जियाँ उड़ाना-एहसान…।
पत्थरपूजा छुड़वाकर
निराकार बतलाकर,
गायत्री जपवाना-एहसान….।
गऊ की पुकार थी
मची हाहाकार थी,
गोकरुणानिधि बनाना-एहसान…।
अविद्या का ढेर था
भारत में अन्धेर था,
रोशनी फैलाना-एहसान….।
कोई ना अधिकार था
भारी अत्याचार था,
लड़कियाँ पढ़ाना-एहसान….।
विधवा लड़की रोवें थीं
मुसलमान होवें थीं,
पुनर्विवाह रचना-एहसान…।
पाखण्डियों का जोर था
मचा हुआ शोर था,
सबको हराना-एहसान….।










