भारतवर्ष महान है, ऋषियों की यह शान है।

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भारतवर्ष महान है, ऋषियों की यह शान है।

भारतवर्ष महान है,
ऋषियों की यह शान है।
प्यारा हिन्दुस्तान है,
यह प्यारा हिन्दुस्तान है।
उज्जवल मुकुट हिमालय जैसा,
पाँव पसारे सागर है।

गंगा, यमुना जैसी नदियाँ,
नीला-नीला अम्बर है।
मुक्त हृदय से मिला हुआ
परमेश्वर का वरदान है।

भारतवर्ष महान है,
ऋषियों की यह चन्दन जैसी मिट्टी इसकी,
वायु जिसकी अमृत है।
ठण्डा मीठा जल है इसका,
ज्यूँ गुलाब का शरबत है।
शाम-सवेरे मन बहलावे,
फसलों की मुस्कान है।
भारतवर्ष महान है, ऋषियों की यह……..

भरी पड़ी इसके आँगन में,
इतिहास की है गाथा।
जिसके सम्मुख झुक जाता है,
विदेशियों की भी माथा।
मिला पवित्र वेदों का भी,
इस धरती को ज्ञान है।
भारतवर्ष महान है, ऋषियों की यह ……..

जिसकी गोदी में हम खेले,
हम हैं उसके पहरेदार।
इसकी रक्षा हित हम सारे,
देंगे अपना तन-मन वार।
बलिदान देकर भी रखनी,
भारत-माँ की शान है।
भारतवर्ष महान है, ऋषियों की यह……..

देश, धर्म पर मरने वाला,
ही सच्चा इन्सान है।
करता जो गद्दारी इससे,
यह काफिर, बेईमान है।
देश-भक्ति से ओतप्रोत यह,
‘नन्दलाल’ का गान है।।
भारतवर्ष महान है, ऋषियों की यह ……..