भारत की मिट्टी चन्दन है

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भारत की मिट्टी चन्दन है

भारत की मिट्टी चन्दन है,
इस मिट्टी का अभिनन्दन है।
यह वीरों की जन्मभूमि है,
यह आर्यों की आदिभूमि है।

लाल बाल ने विपिन पाल ने
अकथनीय संकट झेले।
विजयवाहिनी ले सुभाष ने
अण्डमान के पट खोले।
नवरत्नों की खान भूमि है
भूमण्डल की शान भूमि है।

राम कृष्ण भीष्म अर्जुन ने
इस मिट्टी में जन्म लिया।
चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य को
इस मिट्टी ने जन्म दिया।
बल पौरुष की कर्मभूमि है
मर्यादा की धर्मभूमि है॥

वाल्मीकि और वेदव्यास ने
गौरव इसे प्रदान किया।
दयानन्द स्वामी शंकर ने
शास्त्रार्थ अभियान किया।
वीरों की संदेशभूमि है
पुण्यभूमि साधनाभूमि है।

बीर शिवा,
राणा प्रताप इसकी ही गोदी में खेले।
गुरु गोविन्द बन्दा वैरागी
अपने प्राणों पर खेले।
उत्सर्गों की तीर्थभूमि है
संघर्षों की समरभूमि है।

इस मिट्टी पर बिस्मिलऔर
अशफाक ने जीवान वार दिया।
भारत के हित जीए
उसी के हित मरना स्वीकार किया।
शेखर की यह समरभूमि है,
भगतसिंह की क्रान्तिभूमि है।

दुर्गावती लक्ष्मीबाई ने
यहाँ भारी संग्राम किया।
आजादी के लिए लड़ी
शत्रु का काम तमाम किया।
अबलाओं की सबलभूमि है
यश कीर्ति से धवलभूमि है।

वीर हकीकत मतिराम ने
बोटी बोटी कटवा दी।
तपे तवे पर गुरु अर्जुन ने
अपनी देह झुलसवा दी।
आत्मदान को आदि भूमि है
बलिदानों की महाभूमि है।