भगवान् है मेरा हाथ ऐश्वर्य भी इसके साथ
भगवान् है मेरा हाथ
ऐश्वर्य भी इसके साथ
मैं हाथ हिला दूँ तो
धन बरसेगा दिन-रात
बल है असह्य तुझमें
बहता है मानो नित-प्रवात
शक्ति है अखूट तुझमें
कर्म करे असाधारण
इन्द्र रूप हे आत्मन् !
कर ले तू शीघ्र प्रगमन
ज़रा देख तो अपना शरीर
कर्मठ कर्ता गए मिल
निजी कोष के बने रक्षक
करते हैं कर्म अखिल
बड़े कार्यकर्ता हैं ये
कार्यों में रखते बड़ा दिल
शक्ति है अखूट तुझमें
कर्म करे असाधारण
इन्द्र रूप हे आत्मन् !
कर ले तू शीघ्र प्रगमन
आँखों में कार्य की शक्ति
हर कार्य में रहती खुली
खड़े कान सदा रहते
नासिका श्वास लेती चली
त्वचा लेती स्पर्श क्षण-क्षण
रसना है रस में रची
शक्ति है अखूट तुझमें
कर्म करें असाधारण
इन्द्र रूप हे आत्मन् !
कर ले तू शीघ्र प्रगमन
लगी उधेड़बुन मन की
चल रहे निरन्तर प्राण
दरबदर पैरों की दौड़
है अचूक लक्ष्य के बाण
प्रमाद रहित बैठे हैं
सात ऋषि करें उत्सर्जन
शक्ति है अखूट तुझमें
कर्म करे असाधारण
इन्द्र रूप हे आत्मन् !
कर ले तू शीघ्र प्रगमन
हे इन्द्र ! तेरा यह शरीर
अनगिनत हैं इसके काज
इसे रखना सम्भाल कर
ना कर देना बर्बाद
मोक्ष द्वार का है साधन
साधित सावधानी का सदन
शक्ति है अखूट तुझमें
कर्म करे असाधारण
इन्द्र रूप हे आत्मन् !
कर ले तू शीघ्र प्रगमन
शक्ति है अटूट तुझमें
कर्म करे असाधारण
इन्द्र रूप हे आत्मन् !
कर ले तू शीघ्र प्रगमन










