बनकर सूरज चाँद गगन में चमक रहे दो प्यारे नाम
बनकर सूरज चाँद गगन में चमक रहे दो प्यारे नाम
बनकर सूरज चांद गगन में, चमक रहे दो प्यारे नाम।
एक योगेश्वर कृष्ण दूसरे, मर्यादा पुरुषोत्तम राम।।
1.राम ने सेवा सत्य वचन और निर्भयता को धारा।
मानव की हर मर्यादा ने अपना रूप निखारा।
जिनको निज आदर्श मानकर गुण गावें संसार तमाम।।१।।
एक योगेश्वर……
2.मात-पिता की आज्ञा पाकर राम ने संकट झेले।
चौदह वर्ष वनों में रहकर हर मुश्किल से खेलें।
त्याग तपस्या ब्रह्मचर्य से जीत लिए कितने संग्राम।।२।।
एक योगेश्वर……
3.जीवन में महाराज कृष्ण ने अद्भुत बल दिखलाया।
दुष्ट जनों का इस धरती से नामोनिशान मिटाया।
मानवता खिल उठी दिया जब गीता का पावन पैगाम।।३।।
एक योगेश्वर……
4.नहीं मिला इतिहास कहीं पर कृष्ण सुदामा जैसा ।
निर्धन और धनवान में जब दीवार बना नहीं पैसा।
भारत विश्व गुरु कहलाया हुए पथिक सुंदर परिणाम ।।४।।










