आर्य समाज भजनसभी लेख बालपनों सब खेल गंवायो By Arya Samaj bhajan - June 15, 2025 0 10 FacebookTwitterPinterestWhatsApp बालपनों सब खेल गंवायो बालपनों सब खेल गंवायो,यौवन काम बह्यो । । १ ।। भजन.. बूढ़े रोग ग्रसी सब काया,पर वश आप भयो।।२।। भजन.. जप-तप तीरथ दान न कीनो,न हरिनाम लियो।। ३ ।। भजन.. ऐ मन मेरे ! बिना प्रभु सुमिरन,जाकर नरक पायो।।४।। भजन.. Curent posts: मैं नहीं, मेरा नहीं, यह तन किसी का है दिया। सुख की वर्षा हो भगवन इस परिवार में। इस घर के प्रहरी निद्रा में गहरी,सोये रे। पाप जुल्म का करना है जल से हो शुद्धि तन की-सत्य से शुद्धि मन की। मुझे जब मेरा बचपन और जवानी याद आती है।। बीती जा दिन रैन कर्म कुछ कर जाओ अन्धेरों ने मेरे नयन छिन कर श्मशान की राहों में हमनें क्यूँ पीता है, बोतल तू