बहना वेद धर्म पर चाल तेरी हे काया सुख पावगी।

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बहना वेद धर्म पर चाल तेरी हे काया सुख पावगी।

बहना वेद धर्म पर चाल
तेरी हे काया सुख पावगी।

৭. तड़के ही उठ स्नान किया कर,
परमेश्वर का ध्यान किया कर।
घर में हवन रचा खुशी
नाल ना बीमारी आवगी….

२. हे मस्टण्डो से चित्त हटाले,
पति अपने से प्रेम बढ़ाले।
मुख से मीठे वचन निकाल
जग में हे सती कहावगी…..

३. हे मत सैइयद पूजण जाइये,
पहले जिमा परोस के थाल
घर सुसरे की टहल बजाईये।
देवी हे नाम धरावगी….

४. हे मत धोकै सेठ मसाणी,
कण्डी बुद्धो बालक खाणी।
करले गऊ माता की प्रतिपाल
तनै हे दूध पिलावगी……..

५. हे मत देवी पै धन लुटा दूँ,
अपनी ननदी को बुलवा तू।
कोन्या करे घड़ी भर टाल
तेरा हे हुक्म बजावगी…..

६. हे मत गंगा जमना नहाईये,
घर सासू की टहल बजाईये।
तेरे घर की करे रखवाल
तेरे हे लाल खिलावगी..

७. मैला कपड़ा ना पहनों कोई,
होगा खाकर कुटुम्ब निहाल
चौका देकर करो रसोई।
ना बीमारी आवगी….

८. हे सब सुनना माता बहना,
मानों एक दिन आवै काल
विकराल ‘नित्यानन्द’ का कहना।
फिर पीछे पछतावगी…..