बड़े बड़ाई ना करें, बड़े न बोलो बोल
बड़े बड़ाई ना करें
बड़े न बोलो बोल
हीरा मुख से कब कहे
मेरा लाख टके का मोल
छोटा बने जो वो हरि** पावे (1)
जैसे छोटी बूँद नीर की
दूध में घुल मिल जाये
छोटा दीपक जले रात दिन
सूरज काम न आये
छोटी चींटी खाये मिठाई
हाथी धूल उड़ाये
छोटी सुई निकाले काँटा
वह खंजर रह जाये
कुटिया में इकतारा बोले
महल खड़ा रह जाये
छोटी नाव का साया ही तो
नदी पार ले जाये
छोटी नदिया बहते बहते
सागर में मिल जाये
छोटी चिड़िया उड़े गगन में
सबके मन को भाये
छोटा सा ही नाम प्रभु का
जीवन पार लगाये
छोटा बने जो वो हरि** पावे
जैसे छोटी बूँद नीर की
दूध में घुल मिल जाये










