अवसर निकल गया तो कहे होश आ गया।

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अवसर निकल गया तो कहे होश आ गया।

अवसर निकल गया
तो कहे होश आ गया।
जब अंग भंग हो गया
तब जोश आ गया।।
चिड़ियों ने खेत चुग लिया
रखवाल तब करी।।
हाथों से डोर छुट गई
सम्भाल तब करी।।
लुटने के बाद दौड़ कर
कई कोस आ गया ।।1।।

रोगी को रोग में कभी
कोई सहायता नदी।
सहायता तो क्या कभी
दो बात भी ना की।।
मरने के बाद भूल पर
अफसोस आ गया ।।2।।

बाहोशी मे बेहोश था
कुछ होश नहीं था।
समृद्ध था सम्पन्न था
सन्तोष नहीं था।
कुछ भी रहा ना पास
तो सन्तोष आ गया ।।३।।

थी गर्ज शोभाराम को
एक देवता कहा।।
रहबर कहा रिफोरमर
सबसे बड़ा कहा।।
मतलब निकल गया
तो कहें दोष आ गया ।।4।।