Author name: Arya Samaj bhajan

जगदीश ज्ञान-दाता, सुख-मूल, शाकाहारी।
आर्य समाज भजन, सभी लेख

जगदीश ज्ञान-दाता, सुख-मूल, शाकाहारी।

जगदीश ज्ञान-दाता, सुख-मूल, शाकाहारी। जगदीश ज्ञान-दाता,सुख-मूल, शाकाहारी।भगवन! तुम्हीं सदा हो,निष्पक्ष न्यायकारी।। सब काल सर्वज्ञाता,सविता पिता विधाता।सब में रमे हुए हो

बुराईयों को कभी जीवन में अपनाना नहीं चाहिए।
आर्य समाज भजन, सभी लेख

बुराईयों को कभी जीवन में अपनाना नहीं चाहिए।

बुराईयों को कभी जीवन में अपनाना नहीं चाहिए। बुराईयों को कभी जीवनमें अपनाना नहीं चाहिए।यह मीठा जहर होता हैइसे खाना

उठके सबेरे जेहडे प्रभु गुण गानगे।
आर्य समाज भजन, सभी लेख

उठके सबेरे जेहडे प्रभु गुण गानगे।

उठके सबेरे जेहडे प्रभु गुण गानगे। उठके सबेरे जेहडे प्रभु गुण गानगे।मंगिया मुरांदा भगवान् कोलों पानगे।।उठके… प्रभु दे द्वारे उत्ते

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