आर्यों तुम को अगर, कुछ हो मुहब्बत वेद की

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आर्यों तुम को अगर, कुछ हो मुहब्बत वेद की

आर्यों तुम को अगर,
कुछ हो मुहब्बत वेद की
फिर शिखर पर हो वतन,
पढ़ लो इबारत वेद की…।।

आज वो पहुंचे तरक्की
के शिखर पर देख लो,
कर लई हासिल जिन्होंने
कुछ लियाकत वेद की…।।

वो जो कहते हैं नहीं
पुस्तक है ये इल्हाम की,
उन सभी को तुम दिखा
दो ये सदाकत वेद की….।।

वेद सप्ताह को मनाने
का यही उद्देश्य है,
पढ़ने की घर-घर में
अपने डालो आदत वेद की….. ।।

वो ऋषि का भक्त सच्चा
आर्य कहलाएगा सोते
जगते हर घड़ी दिल में
हो चाहत वेद की…।।

वीर कवि सौभाग्यशाली
हो तुम्हीं ऐ आर्यों बख्शी
दाता ने विरासत में
नियामत वेद की….।।