आर्यों की सन्तान,डरना क्या जानें ।
आर्यों की सन्तान,
डरना क्या जानें ।
जीव आत्मा अमर,
ये मरना क्या जानें ।। टेका।
मरना क्या……
नैनं छिन्दन्ति शास्त्राणि,
पढ़लो गीता की वाणी।
कृष्ण की साफ जबानी,
फिर मोह शोक नादानी ।।१।।
मरना….
पर नारी मात समाना,
और पर धन मिट्टी जाना।
इस सिद्धान्त को जाना तो,
फिर माल पराया ।।२।।
मरना…..
जीवन पथ में बांधायें,
चाहे कितनी भी आ जायें।
पर किंचित् न घबरायें,
कभी वीर बहादुर आहे ।।३।।
भरना……
जिन्होंने हम से बात बिगाड़ी,
हम आ गये तभी अगाड़ी।
बने अरि के लिए कुल्हाड़ी,
‘ताराचन्द’ कदम पिष्ठाड़ी ।।४।।
धरना……










