आर्य नौजवां कौम के लाड़लो बात
आर्य नौजवां कौम के लाड़लो बात,
बिगड़ी बनाने का वायदा करो।
खतरे में मांदरे हिन्द की आबरु,
आबरु को बचाने का वादा करो ॥ टेक ॥
तुमको सौगन्ध है वीर हनुमान की,
तुमको सौगन्ध है भीष्म बलवान की ॥
तुमको सौगन्ध अर्जुन के बाण की,
तुमको सौगन्ध श्रीकृष्ण भगवान की।
जानलो यह घड़ी आज इम्तहान की,
फर्ज अपना निभाने का वायदा करो ॥1॥
तुमको सौगन्ध है भीम बलराम की,
तुमको सौगन्ध प्रताप संग्राम की।
तुमको सौगन्ध शिवा वीर के नाम की,
तुमको सौगन्ध है आज श्रीराम की॥
त्याग दो नींद आँखों से आराम की,
जागने और जगाने का वायदा करो ॥2॥
तुमको सौगन्ध मिटाना है मक्कारों को,
देश के द्रोही उन पापी गद्दारों को।
मैमन बन्धु दाऊद से हत्यारों को,
भस्म जो कर गये बसते परिवारों को॥
ऊपर वर्षा गये लते अंगारों को,
आग उभरी दबाने का वायदा करो ॥3॥
बम के विस्फोटों से दिल भी हिलने लगे,
जहर तकरीरों में भी उगलने लगे।
पंख फिर चींटियों के निकलने लगे,
मुर्दों तक के भी तेवर बदलने लगे॥
देखते ही हमें वो संभलने लगे,
हम हैं क्या ये बताने का वायदा करो॥4॥
दास्तां है ये सब अपनी भूलों की,
वर्ना चुभती ना एक नोंक भी शूलों की।
शुद्धि करते जो मल्काने और मूलों की,
महकती बगिया खुश्बू से ये फूलों की॥
छोड़ दो रसिया क्यों गाते हो भूलों की,
गीत ‘कर्मठ’ के गाने का वायदा करो ॥5॥










