आर्य समाज भजनसभी लेख अरे पाप परे हट ….. By Arya Samaj bhajan - July 27, 2025 0 32 FacebookTwitterPinterestWhatsApp अरे पाप परे हट ….. “तर्ज – पिंजरे के पंछी रे….तेरा दर्द न जाने कोय… अरे पाप परे हट …..अरे पाप परे हट जा….मेरे मन के निकट नहीं आ Curent posts: अनमोल है जीवन, तो फिर इसको गवाँ नहीं रोते हुए आए थे, हँसते हुए जाना है। साधना की राह पर है चलना कठिन उस प्रभु की है कृपा बड़ी, याद कर ले घड़ी दो घड़ी। परम पिता से प्यार नहीं, शुद्ध रहा व्यवहार नहीं सुख चाहे तो बुराइयों के जाना बन्दे! नजदीक नहीं, हम है भोले बच्चे,जीवन में हैं सच्चे। अल्पकालीन जीवन,ब्रह्म पूरा भरा है। कैसा जग का रवैया हुआ ईश्वर को निज नाम ओ३म् प्यारा है।