अरे पाप परे हट …..

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अरे पाप परे हट …..

“तर्ज – पिंजरे के पंछी रे….तेरा दर्द न जाने कोय…

अरे पाप परे हट …..
अरे पाप परे हट जा….
मेरे मन के निकट नहीं आ